Dairy Loan In Rajasthan

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के पशुपालक और किसानों के आय में बढोतरी करने के उद्देश्य से और गाय के दूध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गयी एक योजना है।
इस योजना की तहत राज्य सरकार पशुपालक और किसानों को पशुओं के खरीद के लिए लोन प्रदान करती है।

यह योजना पशुपालकों के लिए तथा डेयरी चलाने वाले किसानों के लिए शुरू की गयी है इस योजना अंतर्गत पशुपालकों को अपनी खुद की नयी डेयरी शुरू करने के लिए 90% लोन दिया जाता है और लोन की राशि वक़्त पर अदा करने पर सरकार द्वारा 30% तक की सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है जो राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है। आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए इस योजना के अंतर्गत महिला,पुरुष, बेरोजगार युवक, बेरोजगार युवती आवेदन कर सकते है और इस योजना का लाभ उठा सकते है।

पाठकों से निवेदन

अगर आप राजस्थान डेयरी लोन का लाभ प्राप्त करना चाहते है तो हमारा यह आर्टिकल अंत तक पढ़े क्यूंकि हमने इस योजना की सारी जानकारी इस आर्टिकल में विस्तार से बताई है।
अगर आपके क्षेत्र में ऐसे कोई पशुपालक और किसान है तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं या फिर हमारा यह आर्टिकल उनतक जरूर शेयर करे ताकि वे इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

योजना का नाम राजस्थान डेयरी लोन योजना
राज्य राजस्थान
लाभार्थीराजस्थान राज्य के पशुपालक / किसान 
लाभलोन एवं सब्सिडी 
विभागकिसान कल्याण विभाग
उद्देश्यपशुपालकों के आय में वृद्धि करना
आवेदन तरीकाऑफलाइन

Dairy Loan In Rajasthan का उद्देश्य

  • देसी गाय के सरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तथा राज्य के लघु सीमांत पशुपालकों को स्वावलंबी बनाने के लिए और स्वयंरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान प्रदेश में उपलब्ध दुधारू देसी गाय का सवर्धन करने के लिए और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए और डेयरी संचालन को विकसित कराने के उद्देश्य से कामधेनु डेयरी योजना की शुरुवात की गयी।
  • राज्य के पशुपालकों के जीवनस्तर में सुधार लाना।
  • पशुपालकों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास करना।
  • राजस्थान राज्य के पशुपाकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना।
  • राज्य के पशुपालकों को पशु पालने के लिए प्रोत्साहित करना।
Dairy Loan In Rajasthan

Dairy Loan Rajasthan की विशेषताएं

  • कामधेनु डेयरी योजना को राजस्थान राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया है।
  • राजस्थान राज्य के पशुपालकों को खुद की डेयरी शुरू करके आय में वृद्धि करने हेतु शुरू की गयी एक महत्वपूर्ण योजना है।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को आसान रखा गया है।
  • कामधेनु डेयरी योजना के अंतर्गत मिलनेवाली लाभ की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाएगी।
  • इस योजना के लिए सरकार की तरफ से लोन तथा लोन तथा सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के अंतर्गत पशुपालक को सरकार द्वारा 90% तक का लोन प्रदान किया जाता है ताकि वे स्वयं रोजगार शुरू करके आत्मनिर्भर बन सके।
  • इस योजना में पशुपालक किसानोंको सिर्फ 10% राशि स्वयं भरनी होती है।
  • अगर पशुपालक तय समय से पहले लोन राशि लौटा देता है तो उस राशि पर सरकार की तरफ से 30 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाती है याने 30% रक्कम सीधे लाभार्थी पशुपालक के बैंक खाते में Transfer की जाती है।
  • इस योजना का लाभ सिर्फ वही पशुपालक उठा सकते है जो देसी गायों के दूध का व्यापर करना चाहते है।
  • महिला आवेदकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत केवल उच्च नस्ल की ज्यादा दूध देने वाली गायों को ही शामिल किया गया है।

प्रसूति सहायता योजना

राजस्थान डेयरी लोन के लाभार्थी

  • राजस्थान राज्य के पशुपालक,गोपाल,बेरोजगार युवक / युवती, किसान, महिलाएं कामधेनु डेयरी योजना के लाभार्थी है।

Rajasthan Dairy Loan का लाभ

  • कामधेनु डेयरी योजना के तहत बेरोजगार युवक और युवती को पशुपालक को स्वयंरोजगार का सुनहरा अवसर मिलेगा।
  • किसान को खेती के साथी पशुपालन करने से आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके आय में बढ़ोतरी होगी।
  • इस योजना से गोवंश को बढ़ावा मिलेगा तथा इसकी घटती हुई संख्या को बढ़ाया जा सकेगा।
  • डेयरी में उत्पादित दूध से लाभार्थी अनेक प्रकार के उत्पादन तैयार कर मुनाफा कर सकेगा।
  • इस योजना से राज्य के युवक और युवतियों को अपने पैरो पर खड़ा होने में मदत होगी।
  • कामधेनु डेयरी योजना से आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलेगा।
  • गौमय,गोमूत्र आदि के साथ खनिज जैसे लिग्नाइट, रॉक फॉस्फेट, जिप्सम आदि को मिश्रित कर एनरिच कंपोस्ट आग्रेनिक फर्टिलाइज़र तथा वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जाता है।
  • औषधीय उपयोग हेतु गौमूत्र अर्क तथा कृषि हेतु किटकनाशक आदि उत्पादन किये जाते है।
  • कामधेनु डेयरी योजना के अंतर्गत राज्य के पशुपालक एवं किसान सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनेंगे।
  • कामधेनु डेयरी योजना की सहायता से राज्य की पशुपालकों के जीवनस्तर में सुधार आएगा।
  • पशुपालकों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास होगा।

Cow Loan In Rajasthan के लिए आवश्यक पात्रता

  • आवेदक पशुपालक/किसान राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है।

राजस्थान डेयरी लोन की शर्ते

  • राजस्थान राज्य के बाहर के नागरिकों को कामधेनु डेयरी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत राज्य के कोई भी किसान / पशुपालक आवेदन कर के लाभ उठा सकता है।
  • इस योजना का लाभ पाने के लिए देसी गाये जिनकी उम्र 5 वर्ष या दो ब्यांत होनी चाहिए तथा प्रतिदिन 10-12 लीटर दूध उत्पादन होना चाहिए।
  • पशुपालक को एक बार में नयी नस्ल की 15 गाय खरीदने होंगे तथा 6 महीने के बाद द्वितीय चरण में 15 देसी गाये खरीदने होंगे।
  • यह योजना अधिकतम 30 गाये या भैसों के लिए है।
  • आवेदक को इस पशुपालन क्षेत्र में कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है।
  • एक ही नस्ल की 30 दुधारू गायों की डेयरी स्थापित करने के लिए और हरा चारा उत्पादन करने के लिए अतिरिक्त 1 एकड़ की खुद की जमीन होना अनिवार्य है।
  • पशुओं का स्वास्थ प्रमाण जारी करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना जरुरी है की नविन गायों की आयु और स्वास्थ उचित हो।
  • एक ही नस्ल की नविन देशी (गिर अथवा थारपारक) दुधारू गोवंश की खरेदी लाभार्थी द्वारा स्वयं किये जायेगा।
  • पशुओंकी खरीदारी स्थानीय पशुपालक अथवा ब्रीडर्स असोसिएशन के माध्यम से किये जा सकते है स्थानीय क्षेत्र में पशु उपलब्ध नहीं होने के स्थिति में पडोसी राज्य से गाय की खरेदी की जा सकती है।
  • डेयरी के माध्यम लाभार्थी अनेक प्रकार के उत्पादन तैयार कर उसे बेचकर मुनाफा कर सकेगा।
  • गाये खरीदने को जाने से पहले पशु चिकित्सा अधिकारी का वहाँ उपस्थित होकर पशु के देशी नस्ल की पहचान हेतु स्क्रीनिंग की जाएगी।
  • पशु खरीदते समय स्वास्थ प्रमाण पत्र एवं परिवहन बिमा जारी किया जाना अनिवार्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी लाभार्थी की होगी।
  • सभी दुधारू देशी गायों का बीमा प्रथम 3 वर्षो के लिए बैंक लोन चुकाया जाने तक लाभार्थी द्वारा करवाया जायेगा।
  • अगर किसी पशुपालक को अनुभव ना हो फिर भी वे स्टार्टअप निति के अवसर के तहत इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है लेकिन उन्हें इस योजनाअंतर्गत नविन दुधारू देसी गाय की खरीद करनी होगी।
  • अगर किसी पशुपालक के पास पहले से ही गाये है तो उस गायों को इस योजना में शामिल नहीं किया जियेगा।
  • अगर किसी पशुपालक ने डेयरी स्थापन हेतु किसी बैंक या संस्था से कर्जा लिया होगा तो वह आवेदक इस योजना का लाभ नहीं ले सकता।
  • खरेदी की गयी दुधारू देसी गायों की पहचान सुनिच्छित करने हेतु 12 डिजिट का टैग लगाकर उसे इनफ (INAPH) से जोड़ा जायेगा।
  • नै खरेदी की गए गायों का रखरखाव,संतुलित पशु आहार,रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण / उपचार नया प्रजनन स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी के बताए गए अनुसार किया जायेगा।
  • पशु के स्वास्थ एवं मृत्यु पत्र हेतु राशि का भुगतान संबंधित पशु चिकित्सा अधिकार को क्रमश 250 व 500 रूपये लाभार्थी द्वारा देय होगा।
  • इस योजना की स्वीकृति नगर परिषद / नगर पालिका / नगर निगम की सिमा क्षेत्र से बारहर ही संचालित होगी।
  • सभी देशी गायों के दूध उत्पादन,टीकाकरण,कृत्रिम गर्भाधान अथवा प्राकृतिक परिसेवा,ब्रीडिंग,पोषण (हरा चारा,सूखा चारा) इत्यादि का रिकॉर्ड लाभाथी को रखना होगा।
  • पशु खरेदी की राशि लाभार्थी द्वारा चेक के माध्यम से दिए जाने पर ही लाभार्थी लोन एवं सब्सिडी प्राप्त कर सकेगा।
  • योजना के लाभार्थियों का नाम इस योजना से जुड़े सरकार की आधिकारिक वेबसाइट वर प्रदर्शित किये जायेंगे।
  • सरकार द्वारा लाभार्थी को उसके उत्पादक विक्रय करने हेतु समय समय पर दिशा निर्देश के माध्यम से मदत की जाती रहेगी।
  • लाभार्थी को सरकार द्वारा आयोजित डेयरी प्रबंधक,पशु पोषण,स्वास्थ,प्रजनन तथा अभिलेख संसाधन संबंधी निशुल्क प्रशिक्षण में आवश्यक रूप से भाग लेना होगा।
  • लाभार्थियों से योजना के अनुरूप प्रार्थना पत्र निर्धारित प्रारूप में लिए जायेंगे प्रार्थना पत्र के साथ भूमि के खातेदारी तथा अनुभव प्रमाण पात्र,बैंक स्टेटमेंट एवं सलग्न प्रारूप में शपथ पत्र नोटरी के सत्यापित करवाकर सलग्न करना अनिवार्य है।
  • लाभार्थी का चयन संबंधित लाभार्थी के क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी / वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जायेगा।
  • लाभार्थी द्वारा आवेदन पत्र के साथ दुग्ध विक्रय का प्लान आवेदन के साथ सलग्न करना होगा।
  • लाभाथी को 50 रूपये प्रति लीटर की दर से दूध की विक्री करनी होगी।
  • जिस लाभार्थी की दूध विक्री क्षमता उपरोक्तानुसार नहीं होगी उसका चयन नहीं होगा।
  • लाभार्थी को गाय की रख रखाव,नस्ल सवर्धन,चारा उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकता विवरण के संबंध में विभागीय पशुपाल को जानकारी देनी होगी।

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Dairy Loan In Rajasthan के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • आवेदक राजस्थान राज्य का निवासी प्रमाण पत्र
  • मोबाईल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • पशु पालन से संबंधित कोई प्रमाण पत्र
  • ईमेल आयडी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पशुपालन प्रमाणपत्र (अगर हो तो)

Dairy Loan In Rajasthan के अंतर्गत आवेदन फॉर्म निरस्त होने के कारण

  • आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी ना होनेपर आवेदन फॉर्म रद्द किया जाएगा।
  • अगर आवेदक पशुपालक या फिर किसान ना होनेपर आवेदन फॉर्म रद्द किया जाएगा।
  • आवेदक ने पहले कभी इस योजना का लाभ प्राप्त किया हो।
  • आवेदन फॉर्म में गलत जानकारी दर्ज करनेपर।

Dairy Loan In Rajasthan के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया

  • आवेदक को सबसे पहले इस योजना से जुडी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट के होम पेज पर Program and Scheme में Gopalan Scheme पर click करना होगा।
kamdhenu dairy yojana rajasthan home page

  • अब आपको योजना से जुड़ा आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना है।
  • या फिर आवेदन फॉर्म को हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करे
  • या फिर आपके जिले के कार्यालय में जाकर प्राप्त कर सकते है।
  • आवेदन में पूछी गयी सारी जानकारी आपको अच्छे तरीके से भरनी है और आवेदन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज जोड़ने है।
  • अब भरा हुआ आवेदन कार्यालय में जमा करे।
  • अधिकारी द्वारा आपके आवेदन फॉर्म की छाननी कर के आपको इस योजना के लिए पात्र माना जायेगा और लोन प्रदान किया जायेगा।
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आधिकारिक वेबसाइटClick Here
कार्यालय संपर्कगोपालन निर्देशालय,
गोपालन भवन,
पुलिस मुख्यालय के सामने,
लालकोठी, टोंक रोड,
जयपुर – 302015
Contact Number(0141) 2740-613 / 519/819
Fax(0141) 2740-613
Emaildir[dot]dgs[at]rajasthan[dot]gov[dot]in

दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना

सारांश

मै आशा करता हु की आपको Dairy Loan In Rajasthan के बारे में जानकारी प्राप्त हो चुकी है फिर भी आपके मन में इस योजना के बारे में कोई सवाल हो तो हमे Comments या Email के माध्यम से जरूर बताये हम आपके सवालोंके जवाब देने की जल्द से जल्द कोशिश करेंगे।
अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर Share करे ताकि आपके दोस्त भी इस योजना का लाभ उठा सके या फिर Facebook Instagram और अन्य Social Media पर जरूर Share करे ताकि किसी जरूरतमंद तक यह जानकारी पहुँच सके और वह इस योजना का लाभ उठा सके।